राजनीतिक सुधार के कार्यक्रम

(जिन पर विश्व परिवर्तन मिशन के संगठन कार्यरत हैं)

(सुधार के मुद्दे व उन मुद्दों पर व्यापक जनसहयोग जुटाने के उद्देश्य से निर्मित)

1. वोटरों को समस्त सम्पदा का मूलस्वामी मानकर उनको स्कालरशिप की तर्ज पर हर महीना नकद वोटरशिप (वोटरों के साझे धन का किराया, ब्याज व मंहगाई भत्ता) का अधिकार दिलाना- जिससे देश की आर्थिक गुलामी खत्म हो सके कष्टदायक काम करने वाले श्रमिकों को भी श्रम की सौदेबाज़ी करने का अवसर मिल सके और हर व्यक्ति को गरिमा व पूरे सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिल सके।

2. सभी वोटरों को जनप्रतिनिधियों जैसी सुविधाएं दिलाना- जैसे वोटरशिप (वेतन, भत्ता), रेल यात्रा (बैठकर), हवाई यात्रा (एक बार), विदेश यात्रा (वोटर कार्ड पर)।

3. हाथ की बजाय वोटरशिप के माध्यम से दिमाग को रोज़गार देने की नीति लागू करना।

4. वैभव के लिए काम की शर्त लगाना और रोटी के लिए काम की शर्त हटाना।

5. संस्कृति रक्षा के लिए प्रदेश सरकारों को थीटो पावर – जिससे संसार के सभी समुदायों को अपनी-अपनी सभ्यता-संस्कृति की सुरक्षा की व अपनी-अपनी आस्थाओं के साथ जीने की गारंटी मिल सके।

6. देश का प्रधानमंत्री चुनने के लिए सांसदों के साथ ही सीधे ब्लाक प्रमुखों को भी वोट देने का अधिकार देना- जिससे प्रधानमंत्री के पद का रिश्ता सीधे ब्लाकों के विकास से जुड जाये और यह पद ज्यादा लोकतांत्रिक बन जाये।

7. ग्राम प्रधानों व सभासदों को दक्षिण एशियाई वतन का प्रधानमंत्री चुनने के लिए सीधे वोट देने का अधिकार दिलाना- जिससे गाँवों को आज की तुलना में 20 गुना से भी ज्यादा धनराशि विकास के लिए मिलने लग जाये। भारत के पडोसी देशों की साझी सरकार बन जाने से इस क्षेत्र में हिन्दुस्तान के विभाजन से बना घाव भर जाये और इस घाव के भरने से साम्प्रदायिक हिंसा की समस्या सदा-सदा के लिए हल हो जाये।

8. संविधान संशोधन करके नेहरू परिवार के उत्तराधिकारियों को किसी भी तरह का चुनाव लडने से रोकना- जिससे देश की एकता व अखण्डता का प्रतीक बन चुके इस परिवार के उत्तराधिकारी को देशपाल का दर्जा दिया जा सके व राजनीतिक प्रतिद्वन्द्विता के कारण इस परिवार के सम्मान और सुरक्षा पर आने वाली आंच को रोका जा सके।

9. देश में मौजूद 60 प्रतिशत गरीबों को 60 प्रतिशत संसदीय क्षेत्रों पर आरक्षण देना- जिससे अनुसूचित जातियों व जनजातियों की तरह गरीबों (काम कराने के लिए पाले गये गुलामों) को भी कानून बनाने के काम में शामिल किया जा सके।

10. अनुसूचित जातियों व जनजातियों को समावेशी आरक्षण (Inclusive Reservation) देकर दलितों में गरीब परिवारों के बच्चों को भी नौकरियां दिलाना- जिससे आरक्षण का फायदा उन परिवारों को भी सम्भव हो सके, जिनके लिए संविधान में आरक्षण का प्रावधान किया गया था।

11. देश में मौजूद 30 प्रतिशत मध्य वर्ग को 30 प्रतिशत संसदीय क्षेत्रों पर आरक्षण देना- जिससे संसद मध्य वर्ग के हितों पर भी काम कर सके और पार्टियों में काम करने वाले मध्य वर्ग के कार्यकर्ताओं के लिए संसद व विधानसभाओं में जाने का दरवाज़ा खुल सके।

12. संसदीय चुनाव लडने वाले प्रत्याशियों को चुनावों में प्राप्त वोट के अनुपात में नोट पाने का अधिकार देना- जिससे राजनीतिक चन्दे की समस्या हल हो सके, वोटरों के वोटरशिप के अधिकार का बीमा हो सके, लोकतंत्र अरबपतियों के चंगुल से मुक्त होकर जनता का लोकतंत्र बन सके।

13. सामाजिक व राजनीतिक काम करने वाले लोगों का वेतन-भत्ता चालू करना- जिससे उन लोगों को काम व पैसा मिल सके जो कम्पनियों से हटाये जा रहे हैं।

14. मतकर्ताओं (वोटरों) को बहुदलीय सदस्यता का अधिकार देना- जिससे पार्टियों को प्राप्त समाज को तोडने की ताकत खत्म किया जा सके, मतकर्ता अपने अलग-अलग कामों को अलग-अलग पार्टियों से करवा सकें।

15. व्हिप कानून रद्द करना- जिससे जनता के चुने प्रतिनिधि पार्टीअध्यक्ष के कठपुतली बनने से बच सके और पार्टियों के अध्यक्ष अमीरों की कठपुतली बनने से बच सकें।

16. उत्तराधिकार सीमांकन करके अरबपतियों के बच्चों को फ्री में अरबपति बनने से रोकना- जिससे गरीबी रेखा की तरह ही अमीरी रेखा बनाया जा सके और जिससे कोई व्यक्ति इतना ताकतवर न बन सके कि वह चन्दे की ताकत से पार्टियों के अध्यक्षों को गुलाम बना ले।

17. मतकर्ताओं को चुनाव के दौरान अन्य देशों के नेताओं को भी वोट देने का अधिकार देना- जिससे सैनिकों पर मौजूद खतरा कम किया जा सके और पडोसियों से लडने पर हो रहा खर्च बचाकर गरीबों के खाते में भेजा जा सके।

18. अपने देश के वोटरों को दूसरे देशों के भी मतकर्ताओं का जनप्रतिनिधि बनने का और दूसरे देशों में नौकरी-पेशा करने का अधिकार दिलाना- जिससे विश्व व्यापार कानूनों के कारण पैदा हो चुकी विश्व अर्थव्यवस्था को संचालित करने के लिए विश्व राजव्यवस्था भी पैदा किया जा सके।

19. स्व-धोषित ग्लोबल वोटरों को पूरे विश्व का शासक (प्रधानमंत्री) चुनने के लिए वोट देने का अधिकार दिलाना- जिससे सज्जनों को सत्ता दिया जा सके, देश की तरह ही विश्व स्तर पर जंगल राज खत्म करके कानून का राज कायम किया जा सके।

20. परिवारों के मुखिया को प्रराष्ट्र (पूर्वी संसार) का प्रधानमंत्री चुनने के लिए सीधे वोट देने का अधिकार दिलाना।

21. सन्युक्त राष्ट्र संघ (UNO) को सन्युक्त राष्ट्रीय सरकार (United National Government-UNG) का दर्जा दिलाने के लिए गैप समझौता- जिससे सन्युक्त संघ के संविधान को ऐसा बनाया जा सके, जो संघ के उद्देश्यों को प्राप्त करने में सक्षम हो।

22 राजनीति की गुणवत्ता बढाने के लिए आवश्यक चुनाव सुधारों को क्रियांवित करना।

23   उपर्युक्त राजनीतिक सुधारों के मुद्दों को लागू करने के लिए एक सक्षम अंतर्राष्ट्रीय सन्धि की जा सके। इसके लिए संगठनों व राजनैतिक दलों का ध्रुविकरण कर विभिन्न देशों की सरकारों को गोलबन्द किया जाये, जिससे ‘गरीबी और शांति के लिए वैश्विक समझौते’ के लिए वैश्विक सहमति बन सके।

24 सुधारों के उन अन्य मुद्दों को शामिल करना जो अधिक समावेशी और अधिक उत्पादक राजनीति व राजनीतिज्ञता के लिए आवश्यक हो, जिससे कि मानव, समाज और प्रकृति के सम्बन्धों के बीच एक संतुलन बनाया जा सके।

25 उपर्युक्त राजनीतिक सुधारों के मुद्दों को लागू करने के लिए लोकतंत्र, सम्प्रभुता, नागरिकता, रोज़गार और विकास आदि को पुनर्परिभाषित करना, ताकि अतीत के मूल्यों में सम्मान बनाए रखा जा सके और भविष्य की पीढीयों की आवश्यकताओं को संरक्षित किया जा सके और समकालीन आबादी पोषण किया जा सके।