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राजनीतिक सुधारकों का राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर 15 से 20 अगस्त में ऋषिकेश में संपन्न होगा

स्वतंत्रानन्द आश्रम, )ऋषिकेश । एक तरपफ जहां राजनीति में आयी गिरावट को लेकर चारों ओर हाय-तौबा मचा है, वही दूसरी तरपफ देश में ऐसी जमात भी है जो विश्व परिवर्तन मिशन के नाम से राजनीति सुधारकों की फौज तैयार करने में लगी है। देश के कई संविधनविद, समाजशास्त्राी, राजनीतिज्ञ व साहित्यकार गुपचुप अपने मिशन में गत कई सालों से कार्यरत हैं। पहले चरण में इन्होंने राजनीति का सुधार करने वालों के लिये लगातार सात वर्षों के अथक परिश्रम से पाठ्यक्रम तैयार किया और अब इस पाठ्यक्रम में काबिल लोगों को प्रशिक्षित करने के काम में लगे हैं। राजनीतिक सुधारों के अपने पैकेज को इन्होंने संसद में विचारार्थ रखा भी है। 137 सांसदों ने इस पैकेज को संसद में पेश किया है, जिस पर एक संसदीय समिति ने काम भी किया है। ‘‘नई व्यवस्था पुरानी व्यवस्था की जगह लेती है, इसलिये वर्तमान व्यवस्था को जो लोग जितना ठीक से समझते हैं, उतने ही ज्यादा कमजोर साबित होते हैं- नई व्यवस्था को समझने में। यही कारण हे कि वर्तमान व्यवस्था में ताकत प्राप्त लोग वर्तमान दुव्र्यवस्था के खिलाफ हाय-तौबा तो मचाते हैं, किन्तु नई व्यवस्था का असहयोग व मौन विरोध करते हैं। इतिहास साक्षी है कि इसीलिये हर नई व्यवस्था निरक्षर, गरीब, कमजोर आम आदमी के कंधे पर सवार होकर आने के लिये अभिषप्त रहती है और इसीलिये हर नई व्यवस्था को कई दशक तक बंद आलमारियों में इंतजार करना पड़ता है।’’ -यह कहना है अपने प्रचार में रूचि न रखने वाले मिशन के एक प्रमुख राजनीतिक सुधारक का। विश्व परिवर्तन मिशन के बैनर तले राजनीतिक सुधारकों का आगामी राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर 15 से 20 जून तक ट्टषिकेश में संपन्न होगा। विश्व परिवर्तन केन्द्र नई दिल्ली द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि शिविर के प्रमुख प्रशिक्षक जाने-माने संविधनविद राजनीतिक सुधारक श्री भरत गांधी होंगे।

शिविर में भाग लेने वाले लोग अपनी जिज्ञासाओं को प्रश्न के रूप में लिखकर श्री भरत गांधी से पूंछ सकते हैं। श्री गांधी इन सवालों का उत्तर रोजाना लगभग रात 8 से 9 के बीच में देंगे। इसी अवधि में रोजाना चार लोगों को अपने विचार व्यक्त करने का मौका इस शर्त के साथ दिया जायेगा कि बोलने का इच्छुक व्यक्ति शिविर कार्यालय में रखे नोटिस बाक्स में सुबह 8 बजे के पहले नोटिस दिया हो, उसकी नोटिस पारदर्शी सेंसर बोर्ड में पास हो गई हो और सबके सामने निकाली गयी लाटरी में उसकी नोटिस आ गयी हो। नोटिस पफार्म कार्यालय में उपलब्ध रहेगा, जिसमें अपने नाम व शिविर पंजीकरण संख्या के अलावा शिविर में बालने का स्पष्ट उद्देश्य और दिये जाने वाले वक्तव्य के सारांश की जानकारी दिया जाना आवश्यक होगा। इस सत्रा को ध्यानाकर्षण सत्रा कहा जायेगा जो 30 मिनट का होगा। चारों वक्ताओं में यह समय बराबर-बराबर बांटा जायेगा।

विज्ञप्ति में शिविर स्थल पर पंहुचने के लिये मार्गदशन करते हुये कहा गया है कि शिविर का आयोजन स्वतंत्रानन्द आश्रम में होगा। यह जगह उत्तराखण्ड प्रदेश के देहरादून जिले में स्थित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल ट्टषिकेष शहर के शीशम झाड़ी में स्थित है। शहर का विख्यात -दयानन्द आश्रम इसके ठीक सामने स्थित है। यहां आने के लिये हरिद्वार या देहरादून-दोनों रेलवे स्टेशनों से सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक आटो व बसें उपलब्ध रहती हैं। तुलनात्मक रूप से हरिद्वार से यहां आना ज्यादा सुगम है। यहां की दूरी दोनों जगहों से लगभग 30 किलोमीटर है। हिमालय यहीं से शुरू होता है। यहीं से पर्यटक केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्राी व यमुनोत्राी के लिये प्रस्थान करते हैं। ये सभी स्थल यहां से लगभग 150 से 250 किलोमीटर दूर हैं।

किसी भी तरह की पुछताछ फोन नम्बर- 09198416666, 09651 991100, 09761184199, 09412057841.